Updated: 13-10-2025 at 7:31 AM
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भारत में किसानों के लिए अब यह अनिवार्य हो गया है कि वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए किसान पंजीकरण पूरा करें। सरकार द्वारा इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, और किसानों के पास 31 जनवरी तक पंजीकरण करने का समय है। पंजीकरण न करने पर वे कृषि योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत, किसानों को हर तीन महीने में ₹2,000 सीधे उनके बैंक खाते में जमा किए जाते हैं। लेकिन भविष्य में यह लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने किसान पंजीकरण पूरा कर लिया है। सरकार ने इस प्रक्रिया को लागू करने का उद्देश्य लाभ वितरण में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाना बताया है।
बदायूं जिले के कुल 5.25 लाख किसानों में से 4.54 लाख किसान इस योजना के अंतर्गत लाभ ले रहे हैं। हालांकि, अभी भी 3.94 लाख किसानों को किसान पंजीकरण पूरा करना बाकी है।
किसान पंजीकरण एक प्रणाली है जो किसान की जानकारी एकत्रित करने और उनके सत्यापन के लिए उपयोग की जाती है। इसमें आधार से लिंकिंग, भूमि सत्यापन और ई-केवाईसी प्रक्रिया शामिल होती है। यह गलतियों की संभावना को कम करता है। किसान निम्नलिखित तरीकों से पंजीकरण कर सकते हैं:
भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन।
आधार सीडिंग (आधार नंबर को भूमि रिकॉर्ड से लिंक करना)।
ई-केवाईसी (वीडियो-आधारित ई-केवाईसी)।
प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसान की सहमति।
किसान वेब पोर्टल: https://upfr.agristack.gov.in
मोबाइल ऐप: "Farmer Registry UP" ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें।
जन सुविधा केंद्र: आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, और भूमि रिकॉर्ड (खतौनी) के साथ जाएं।
किसान पंजीकरण से किसानों को कई लाभ मिलते हैं। यह प्रक्रिया को सरल बनाती है और सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच को बेहतर करती है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी: कर्ज और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी जानकारी को योजनाओं के माध्यम से आसान बनाया गया है।
फसल बीमा: फसल बीमा योजनाओं का लाभ उठाना अधिक आसान होगा।
एमएसपी पंजीकरण: किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत अपनी फसल का पंजीकरण आसानी से ऑनलाइन कर सकेंगे।
सलाह और मार्गदर्शन: कृषि विशेषज्ञ किसानों को समय पर सलाह देंगे जिससे कृषि तकनीकों में सुधार हो सके।
पंजीकरण प्रक्रिया 18 नवंबर से शुरू हुई और 31 जनवरी तक जारी रहेगी। अब तक केवल 60,000 किसानों ने पंजीकरण किया है। इतने अधिक किसानों का अनपंजीकृत होना अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है।
किसानों द्वारा सामना की गई चुनौतियां
कई किसानों को किसान पंजीकरण या इसे कैसे भरना है, इसकी जानकारी नहीं है। कुछ किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करते समय कठिनाइयों का सामना किया है।
कुंवरगांव के एक किसान ने कहा कि उन्हें प्रक्रिया की जानकारी नहीं है और वह मार्गदर्शन के लिए विभाग जाएंगे।
गंज गांव की एक महिला किसान ने इंटरनेट पर पंजीकरण करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब वह अधिकारियों से मदद मांग रही हैं।
राजस्व और कृषि अधिकारी गांवों में शिविर लगा रहे हैं ताकि सभी किसान पंजीकरण पूरा कर सकें। किसान इन शिविरों में पंजीकरण करा सकते हैं या ऐप के माध्यम से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं।
PM किसान योजना के लाभों के लिए पंजीकरण करना एक सरल प्रक्रिया है। इसके लिए किसानों को अपनी मूलभूत जानकारी साझा करनी होती है और ई-केवाईसी पूरी करनी होती है।
किसान रजिस्ट्ररी यूपी पोर्टल पर जाएं या किसान रजिस्ट्ररी यूपी ऐप डाउनलोड करें।
अपना आधार कार्ड विवरण, मोबाइल नंबर और भूमि रिकॉर्ड जमा करें।
ई-केवाईसी प्रक्रिया ऑनलाइन या जन सुविधा केंद्रों पर पूरी करें।
सभी विवरण सही से भरें ताकि आवेदन अस्वीकार न हो।
अधिक पढ़ें: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
किसानों को 31 जनवरी से पहले किसान पंजीकरण पूरा करना आवश्यक है ताकि वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ प्राप्त कर सकें। सरकार ने इस प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है ताकि पारदर्शिता में सुधार हो और सही लाभार्थियों तक लाभ पहुंच सके। किसानों से अपील की जाती है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें ताकि वित्तीय सहायता से वंचित न हों।
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